- AU Small Finance Bank unveils Sustainable Finance Framework, Secures Moody's Second Party Opinion
- Alstom’s leading metro, signalling and maintenance solutions power Indore’s extended network
- ओम गैलेक्सी लिमिटेड का आईपीओ गुरुवार, १० सितंबर २०२६ को खुलेगा
- बुंदेली शेफ सीजन-4 में नैन्सी शिवहरे के सिर सजा जीत का ताज
- Triptii Dimri Celebrates 8 Years of Laila Majnu, Looks Back at the Cult Classic with a “Full Heart”
ताजिकिस्तान के सर्जन्स ने डॉ. के. के. नीमा से सीखीं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की बारीकियां
अब विदेशी सर्जन एडवांस जॉइंट रिप्लेसमेंट सीखने आ रहे इंदौर
मेडिकल टूरिज्म के साथ नॉलेज-एक्सचेंज का भी बढ़ रहा दायरा
इंदौर, 5 सितंबर 2026। मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में पहचान बना रहा इंदौर अब इलाज के साथ मेडिकल नॉलेज-एक्सचेंज के लिए भी विदेशी डॉक्टरों को आकर्षित कर रहा है। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे से तीन ऑर्थोपेडिक एवं ट्रॉमा सर्जन एडवांस जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक सीखने इंदौर पहुंचे। तीनों सर्जन्स ने यूनिक हॉस्पिटल के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. के. के. नीमा के साथ प्रशिक्षण और ऑब्जर्वेशन के जरिए घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीकों को करीब से समझा।
दुशांबे, ताजिकिस्तान से आए इन विशेषज्ञों में मॉडर्न ऑर्थोपेडिक क्लिनिक के डॉ. अब्दुखोलिक तथा इस्तिकलोल हॉस्पिटल के डॉ. इस्मोइलजॉन और डॉ. योकुबजॉन शामिल रहे। तीनों सर्जन्स पहले से ऑर्थोपेडिक एवं ट्रॉमा सर्जरी के क्षेत्र में कार्यरत हैं। इंदौर में उनका उद्देश्य विशेष रूप से जॉइंट रिप्लेसमेंट में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों, सर्जिकल अप्रोच और रोबोटिक एवं नेविगेशन आधारित प्रक्रियाओं को समझना रहा।
रोबोटिक तकनीक और आधुनिक सर्जिकल अप्रोच की ट्रेनिंग
प्रशिक्षण के दौरान सर्जन्स ने टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) और टोटल हिप रिप्लेसमेंट (THR) से जुड़ी आधुनिक प्रक्रियाओं का ऑब्जर्वेशन किया। इसमें नेविगेशन के साथ सबवास्टस अप्रोच द्वारा टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी, रोबोटिक तकनीक के साथ सबवास्टस अप्रोच द्वारा टोटल नी रिप्लेसमेंट तथा डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (DAA) द्वारा टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी तकनीकों की बारीकियों को समझाया गया।
सर्जन्स ने सर्जरी की प्लानिंग, मरीज के जॉइंट की स्थिति के अनुसार तकनीक का चयन, इम्प्लांट की पोजिशनिंग, अलाइनमेंट और सर्जरी के दौरान सटीकता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी जानकारी ली। रोबोटिक एवं नेविगेशन आधारित तकनीकों के जरिए सर्जरी में अधिक सटीकता लाने और मरीज के लिए बेहतर परिणाम हासिल करने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
यह पहल इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि अब इंदौर की पहचान केवल देशभर से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि मेडिकल ट्रेनिंग और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के केंद्र के रूप में भी बन रही है। विदेशी विशेषज्ञों का यहां आकर भारतीय सर्जन्स से एडवांस प्रक्रियाएं सीखना चिकित्सा क्षेत्र में इंदौर की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाता है।
यूनिक हॉस्पिटल के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. के. के. नीमा ने कहा, “मेडिकल साइंस लगातार विकसित हो रही है और किसी भी विशेषज्ञ के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। अलग-अलग देशों के सर्जन्स जब एक-दूसरे के अनुभव और तकनीकों को समझते हैं, तो इसका सबसे बड़ा लाभ मरीजों को मिलता है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक जॉइंट रिप्लेसमेंट में उपलब्ध तकनीकों और अपने अनुभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को सुरक्षित, सटीक और बेहतर परिणाम मिल सकें। ताजिकिस्तान से सर्जन्स का इंदौर आकर इन तकनीकों को समझना भारत और ताजिकिस्तान के बीच मेडिकल नॉलेज-एक्सचेंज की दिशा में सकारात्मक कदम है।”
तीनों ताजिक सर्जन्स ने इंदौर में मिले प्रशिक्षण और डॉ. नीमा के साथ हुए नॉलेज-एक्सचेंज को उपयोगी और संतोषजनक बताया। डॉ. अब्दुखोलिक, डॉ. इस्मोइलजॉन और डॉ. योकुबजॉन ने संयुक्त रूप से कहा, “इंदौर में हमें जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की आधुनिक तकनीकों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला। खासतौर पर रोबोटिक एवं नेविगेशन तकनीक, सबवास्टस अप्रोच और डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच जैसी प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पहलुओं को समझना हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा। डॉ. के. के. नीमा ने अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान को हमारे साथ विस्तार से साझा किया। यहां से प्राप्त जानकारी को हम ताजिकिस्तान लौटकर अपने मरीजों के इलाज में उपयोग करने का प्रयास करेंगे। हमें उम्मीद है कि इस तरह के नॉलेज-एक्सचेंज कार्यक्रम दोनों देशों के चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच सहयोग को और मजबूत करेंगे।”

इंदौर में देश के अलग-अलग हिस्सों से मरीज पहले से ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए पहुंचते रहे हैं। अब विदेशी सर्जन्स का एडवांस सर्जिकल तकनीक सीखने के लिए यहां आना शहर के मेडिकल इकोसिस्टम के लिए एक नई दिशा का संकेत है। इससे मेडिकल टूरिज्म के साथ मेडिकल एजुकेशन, विशेषज्ञों के बीच नॉलेज-शेयरिंग और इंटरनेशनल हेल्थकेयर कोलैबोरेशन को भी बढ़ावा मिल सकता है।


